ब्रह्माण्ड ( बिग बैंग)
बर्ह्माण्ड की उत्पति
1 . बिग बैंग सिद्धांत -जार्ज लेमेंटर
बर्ह्माण्ड के उत्पति के सम्बन्ध में यह सर्वधिक मान्य सिद्धांत है। इसका प्रतिपादन बेल्जियम के खगोलज्ञ जार्ज लेमेंटर ने 1960 -70 ई. में किया था।
इनके अनुसार लगभग 15 अरब वर्ष पूर्व एक विशालकाय अग्निपिंड था जिसका निर्माण भरी पदार्थ से हुआ था। इनमे अचानक बिस्फोट (बर्ह्माण्डीय विस्फोट या बिग बंग )से पदार्थ का बिखराव हुआ जससे समान्य पदार्थ निर्मित हुए।
इसके अलगाव के कारण काले पदार्थ बने जिनके समूहन से अनेक बर्ह्माण्डीय पिंडो का सृजन हुआ। इसके चारो ओर समान्य पदार्थ का जमाव हुआ जिससे उनके आकर में बृद्धि हुई। इस प्रकार पदार्थो के समूहन से बने असंख्य पिंड तारे कहलाये। इसी प्रकिरिया से कालांतर में ग्रह भी निर्मित हुए।
इस प्रकार बिग बंग परिघटना से बर्ह्माण्ड की उत्पति हुई और तभी उसमे निरंतर विस्तार जारी है।
MAP(microwave anisotrophy probe) नामक अनुसंधान में इसकी पुस्टि की।
बर्ह्माण्ड के उत्पति के सम्बन्ध में यह सर्वधिक मान्य सिद्धांत है। इसका प्रतिपादन बेल्जियम के खगोलज्ञ जार्ज लेमेंटर ने 1960 -70 ई. में किया था। बर्ह्माण्ड के रहस्यों को जानने के लिए 30 मार्च 2010 को यरोपियन सेंटर फॉर नुक्लियर रिसर्च (CERN)ने जेनेवा में पृथ्वी की साथ से 100 फिट निचे एंव 27 किलोमीटर लम्बे सुरंग में लार्ज हैड्रन कोलाइडर (LHC)नामक ऐतिहासिक महाप्रयोग सफलतापूर्वक किया गया। इनमे 1000 से भी अधिक वैज्ञानिक शामिल थे।
इसमें प्रोटोन बिमो लगभग प्रकास की गति से टकराया गया तथा हिग्स बोसॉन के निर्माण का प्रयास किया गया।
इस महाप्रयोग के के माध्यम से बर्ह्माण्ड के के जन्म उन अनसुलझी औधरनाओ की परख की जायेगी जिसे अब तक 'डार्क मेटर ' व 'गॉड पार्टिकल ' के नाम से पुकारा जाता था।
लगभग 50 वर्षो के प्रयास के बाद अंततः CERN ने जुलाई 2012 को हिग्स बोसॉन से मिलता जुलता सब एटॉमिक पार्टिकल की खोज करने में सफलता हासिल की है। इससे बर्ह्माण्ड के रहस्यों को जानने में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।





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